अगर यह तीन विकेटकीपर ना होते फ्लॉप, तो धोनी ना छु पाते बुलंदियों के शिखर को

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भारतीय टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने भारतीय टीम को बुलंदियों के शिखर तक पहुंचाया है. एम एस धोनी ने अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को वनडे विश्वकप दिलाया है. वही टी-20 का भी चैंपियन बनाया है.

धोनी ने साल 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी में भी भारतीय टीम को जीत दिलाई हुई है. धोनी का खुद भी बल्ले से शानदार प्रदर्शन रहा है. उनका वनडे क्रिकेट में 50 से भी ऊपर है. अपनी शानदार बल्लेबाजी से धोनी ने भारतीय टीम को कई मैच जिताए हुए हैं.

आपको बता दें, कि अगर भारतीय टीम के 3 विकेटकीपर अजय रात्रा, पार्थिव पटेल और दिनेश कार्तिक फ्लॉप साबित ना होते तो शायद धोनी आज बुलंदियों के शिखर को ना छु पाते.

दरअसल, धोनी के टीम में आने से पहले चयनकर्ताओं ने इन तीनों ही विकेटकीपरों को मौका दिया था, लेकिन यह तीनों ही फेल साबित हुए और अपनी जगह भारतीय टीम में पक्की ना कर पाए.

चयनकर्ताओं ने अजय रात्रा को साल 2002 में मौका दिया था. वही पार्थिव पटेल को भी 2002 और 2003 में भारतीय टीम ने कई मौके दिए. दिनेश कार्तिक को भी 2004 में कई मौके दिए गए, लेकिन तीनों ही मौको का फायदा नहीं उठा पाए.

उसके बाद भारतीय टीम के चयनकर्ताओं ने 2004 दिसंबर में धोनी को मौका दिया. हालाँकि, अपनी पहली सीरीज में धोनी कुछ खास ना कर पाए, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में उन्होंने एक शानदार शतक लगाकर अपनी क्षमता का परिचय दे दिया था और उसके बाद से उन्होंने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा है.

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