टी20 क्रिकेट में साल 2025 को एक बड़े बदलाव के साल के रूप में देखा जा रहा है। अब यह फॉर्मेट सिर्फ बड़े नामों या पुराने रिकॉर्ड्स पर नहीं, बल्कि मौजूदा फॉर्म, फिटनेस, रोल-क्लैरिटी और मैच पर असर डालने की क्षमता पर चलता है। इसी बदले हुए नजरिए के साथ 2025 की सर्वश्रेष्ठ टी20 प्लेइंग 11 सामने आई है। इस टीम ने यह साफ कर दिया है कि आधुनिक टी20 में भावनाओं से ज्यादा आंकड़े और इम्पैक्ट मायने रखते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि लंबे समय तक भारत के टी20 सेटअप का अहम हिस्सा रहे हार्दिक पांड्या इस इलेवन में जगह नहीं बना सके।
यह प्लेइंग 11 पिछले एक साल के इंटरनेशनल टी20 मुकाबलों, IPL और अन्य बड़ी फ्रेंचाइज़ी लीग्स में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई है। इसमें बल्लेबाज़ों के लिए स्ट्राइक रेट और पावरप्ले इम्पैक्ट, गेंदबाज़ों के लिए डेथ ओवर्स में नियंत्रण और विकेट लेने की क्षमता, जबकि ऑलराउंडर्स के लिए निरंतर योगदान को सबसे ज्यादा अहमियत दी गई है।
ये रही प्लेइंग इलेवन
ओपनिंग की जिम्मेदारी अभिषेक शर्मा और फिल सॉल्ट को दी गई है। अभिषेक शर्मा ने पिछले सीज़न में पावरप्ले में निडर बल्लेबाज़ी से अपनी पहचान बनाई है, जबकि फिल सॉल्ट अपनी आक्रामक शुरुआत और निरंतरता के लिए जाने जाते हैं। दोनों की मौजूदगी यह दिखाती है कि 2025 की टी20 सोच की शुरुआत पहले छह ओवरों से ही आक्रामकता पर आधारित है।
टॉप ऑर्डर में जोस बटलर को विकेटकीपर-बल्लेबाज़ की भूमिका दी गई है। बटलर का अनुभव, बड़े मैचों में शांत दिमाग और तेजी से रन बनाने की क्षमता उन्हें इस टीम में स्वाभाविक विकल्प बनाती है। उनके बाद कप्तानी की जिम्मेदारी निकोलस पूरन को सौंपी गई है। पूरन आधुनिक टी20 कप्तान की तस्वीर पेश करते हैं, जो आक्रामक बल्लेबाज़ी के साथ मैदान पर फैसले लेने में भी बेझिझक रहते हैं।
मिडिल ऑर्डर में डेवाल्ड ब्रेविस और टिम डेविड को जगह मिली है। ब्रेविस को भविष्य का बड़ा टी20 स्टार माना जा रहा है, जबकि टिम डेविड अपनी फिनिशिंग और लंबे शॉट्स के लिए पहचाने जाते हैं। इन दोनों की मौजूदगी यह सुनिश्चित करती है कि टीम मिडिल और डेथ ओवर्स में रन गति बनाए रख सके।
ऑलराउंड विकल्प के तौर पर सैम कुरेन और जेसन होल्डर को चुना गया है। सैम कुरेन गेंद और बल्ले दोनों से लगातार योगदान देने की क्षमता रखते हैं, वहीं जेसन होल्डर अनुभव, उछाल और दबाव में संतुलन लाने वाले खिलाड़ी माने जाते हैं।
गेंदबाज़ी विभाग में स्पिन की कमान नूर अहमद और वरुण चक्रवर्ती को सौंपी गई है। नूर अहमद की फ्लाइट और विविधता टी20 में बल्लेबाज़ों को लगातार परेशान करती रही है, जबकि वरुण चक्रवर्ती अपनी मिस्ट्री गेंदों से मिडिल ओवर्स में विकेट निकालने के लिए जाने जाते हैं।
तेज़ गेंदबाज़ी की अगुवाई जसप्रीत बुमराह कर रहे हैं। बुमराह आज भी डेथ ओवर्स में दुनिया के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज़ों में गिने जाते हैं। दबाव के क्षणों में उनकी सटीक यॉर्कर और स्लोअर गेंदें टीम को बढ़त दिलाती हैं।
हार्दिक पांड्या का इस टीम से बाहर होना साफ संकेत देता है कि 2025 की टी20 सोच पूरी तरह बदल चुकी है। अब ऑलराउंडर से सिर्फ नाम नहीं, बल्कि हर मैच में गेंद और बल्ले—दोनों से ठोस योगदान की उम्मीद की जाती है। फिटनेस और निरंतरता के बिना किसी भी खिलाड़ी के लिए इस तरह की बेस्ट इलेवन में जगह बनाना आसान नहीं रहा।
कुल मिलाकर, साल 2025 की सर्वश्रेष्ठ टी20 प्लेइंग 11 आधुनिक क्रिकेट की उस दिशा को दिखाती है जहां आक्रामकता, एथलेटिसिज़्म और स्पष्ट भूमिका सबसे अहम बन चुकी है। यह टीम भविष्य के टी20 क्रिकेट की झलक है, जिसमें भारत सहित दुनिया भर के खिलाड़ी नए मानक स्थापित करते नजर आ रहे हैं।